Wednesday, 7 December 2016

माता तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाये


माता तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाये 
यह जीवन धन्य बने वरदान जो मिल जाये। 
सुनते है कृपा तेरी अनवरत बरसती है। 
श्रद्धालु ही पते है दुनिया तो तरसती है। 
करुणा रस की मुझको एक बूंद  जो मिल जाये। 
यह जीवन धन्य बने वरदान जो मिल जाये। 
 बड़ा  चंचल है प्रतिपल चलता रहता। 
भटकाता इट  उत है पूजा में नहीँ  लगता। 
निर्मल क्र दे मन माँ चरणो में ही लग जाये।
यह जीवन धन्य बने वरदान जो मिल जाये।
देवत्व के फूलो से माता झोलीभर दे 
भव भय से डर लगता मुझको निर्भय कर  दे। 
माता इस किंकर  पर किरिपा यदि हो जाये। 
यह जीवन धन्य बने वरदान जो मिल जाये। 

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