गणेश वंदना
जय गणेश गणपति गणनायक।
बुद्धि विवेक बल ज्ञान सुधारस अष्टसिद्धि नवनिधि वरदायक।
आशा तृष्णा मोह जनित दुःख हरण करण शुभ शांति प्रदायक।
बीजमंत्र उपनिषद वेद श्रुति सर्व ज्ञान भागवत विधायक।
उमा शंभु सुत भ्रात षडानन जयति गजानन विघ्न विनाशक।
चरण कमल पदबंदि विनय करि आरति करत दास गुणगायक।
कृपादृष्टि हो जाय दीन पर मोदक प्रिय मृद मंगल दायक।
माँगत 'श्रीक़ृष्ण' हरी पद रति 'निर्भय' करू भवनिधि जनतारक।।

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