शिव वन्दना
शिव का नाम तू जप ले प्यारे।
आरत हरत सरन सुखकारी, भवभय हारी मंगलकारी।
महा मृत्युंजय मंत्र उचारे , शिव का नाम तू जप ले प्यारे।
शिव का नाम है निर्धन का धन , निर्बल का बल, शिव का सुमिरन।
अपने सोये भाग जगा रे। शिव का नाम तू जप ले प्यारे।
शिव का नाम है अवढर दानी , मन वांछित फल पावै प्राणी।
विधि के लेखे मिटावन हारे। शिव का नाम तू जप ले प्यारे।
अंतस्थल की भ्रान्ति मिटेगी , मन को शाश्वत शांति मिलेगी।
'निर्भय' भव से पर उतारे ,शिव का नाम तू जप ले प्यारे।

No comments:
Post a Comment