Saturday, 5 November 2016

 शिव वन्दना 



शिव का नाम तू जप ले प्यारे। 
आरत हरत सरन सुखकारी, भवभय हारी मंगलकारी। 
महा  मृत्युंजय  मंत्र उचारे , शिव का नाम तू जप ले प्यारे। 
शिव का नाम है निर्धन का धन , निर्बल का बल, शिव का सुमिरन।  
अपने सोये  भाग जगा रे।  शिव का नाम तू जप ले प्यारे। 
शिव का नाम है अवढर दानी , मन वांछित फल पावै प्राणी। 
विधि के लेखे मिटावन हारे।  शिव का नाम तू जप ले प्यारे। 
अंतस्थल की भ्रान्ति मिटेगी , मन को शाश्वत शांति मिलेगी। 
'निर्भय' भव  से पर उतारे ,शिव का नाम तू जप ले प्यारे। 

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