Tuesday, 29 November 2016

मैया नैया लगा दे मेरी पार।

भक्त खड़े तेरे द्धर  अड़े सब करते करूँ पुकार
ओ मेरी मैया नैया लगा दे मेरी पार।
तूने ही सहारे  पापी बड़े सुर वर मुनि सेवा करते सब खड़े खड़े।
 तुझसे बड़ा न कोई माता जग दूसर दातार।
ओ मेरी मैया नैया लगा दे मेरी पार।
तेरी शक्ती  से ब्रह्माजी सृष्टि रचें,  शिव करते संहारा न उनसे कोई बचे।
अखिल विश्व का पालन करती माँ शक्ति आगार।
ओ मेरी मैया नैया लगा दे मेरी पार।
तू ही सती सावित्री सीता अनुसुइया तू ही राधा रुक्मणी लक्ष्मी मैया।
वैष्णव देवी रूप से करती रक्षा बारं बारि।
ओ मेरी मैया नैया लगा दे मेरी पार।
मध मोह अज्ञान का घना अंधेरा है अंहकार से भर बुद्धिमान मेरा है। 
निर्भय सरस्वती माँ आकर ज्ञानदीप दे  बार।  
ओ मेरी मैया नैया लगा दे मेरी पार।

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