Tuesday, 22 November 2016

हे बालाजी बजरंग बली


हे बालाजी बजरंग बली।  बस तेरा एक सहारा हैं।
मेरी जीवन नैया  जीर्ण शीर्ण का तू ही खेवन हारा हैं।
तूफान बड़े है षटविकार हैं  महा मोह मद वेगधार
पतवार तुम्हारे हाथों में  हे नाथ! करो भव पारा  है।
विषयों ने लूटा स्वांस अर्थ अब नहीं करो भव पारा  है।
हैं  राम रसायन का सम्बल जिसका तू  ही रखवारा है।
तेरे हृदय में राम बसें तू राम हृदय में बसता है।
अज्ञान तिमिर में भटक रहा सूझे नहीं हाथ पसारा  है।
अब तक तो चलती रही खूब अब डूब रही हैं पाप भार
निर्भय बंजरग बली कर दो भवभय से तुम्हे पुकारा हैं।

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